ganesh sadhna - An Overview

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लफ्ज़ इंसान के गुलाम होते हैं मगर सिर्फ बोलने से पहले, बोलने के बाद तो इंसान अपने लफ्जों का गुलाम बन जाता है।

दुनिया तुम्हें उस वक्त तक नहीं हरा सकती जब तक तुम खुद से ना हार जाओ दुनिया तो मैं उस वक्त तक नहीं हरा सकती जब तक तुम खुद से ना हार जाओ।

कभी अपने दोस्त की सच्चाई का इम्तिहान मत लेना क्या पता वह उसकी मजबूरी हो और तुम एक सच्चा दोस्त खो बैठों।

जब तुम्हारा दिल बुरे कामों से खुश रहने लगे तो यह इस बात का गवाह है कि तुम्हारा रब तुमसे नाराज है।

यह सच नहीं हकीकत है की जो तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त होता है वह तुमसे सबसे ज्यादा रूठता और लड़ाई करता है।

जब हमारे सिग्नेचर ऑटोग्राफ में बदल जाए तो यह हमारी सफलता की निशानी।

जिंदगी खुशियां बटोरते-बटोरते जाने कब गुजर गई, अब पता चला कि खुश तो वो लोग थे जो खुशियां बांट रहे थे।

लोगों की कामयाबी देखकर उनसे जलने से अच्छा है कि आप भी उनके जैसा या उनसे बेहतर करने की सोचे।

लगातार मिल रही नाकामयाबियों से हारकर कभी निराश मत होना कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है।

प्यार से हाथी को भी हरा सकते हैं, गुस्से से चींटी को भी नहीं हरा पाओगे।

अगर कभी कोई तुम्हारे साथ बुरा करे तो तुम उसके साथ अच्छा करके उस पर एहसान कर दो वो उसके बोज click here के नीचे दब जाएगा।

अच्छे परिणाम देखना चाहते हो तो अभी से अच्छा सोचना शुरू कर दो।

दुनिया में बढ़िया इंसान वह है जिसके लिए कोई रोए और बे का निशान हुआ है जिसकी वजह से कोई रोए।

आजमाए हुए को बार बार आजमाना सबसे बड़े बेवकूफी हैं।

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